Vijay Kumar
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साहित्य
सीता को वनवास क्यों?
जनकपुरी की वाटिका में, सखियों संग मुस्काई।तोता-तोती देख सिया भी, मन ही मन ललचाई॥ उड़कर दूर गया था तोता, तोती…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
एक बात बोलूं साहेब,आज कल के जितने भी अनपढ़ युवा है वह रोजगार में है,लेकिन जितना भी पढ़ालिखा युवा है…
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साहित्य
दृष्टिकोण और व्यक्तित्व
परिदृश्य में हि दृष्टिकोण बंधा है,और दृष्टिकोण से व्यक्तित्व बना है। दृश्य में दर्शन हुआ है,और दर्शन से दृष्टि बंधी…
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साहित्य
प्रकृत्ति
प्रकृति बहुत कुछ सीखा देती हैप्रकृति बहुत कुछ पढ़ा देती हैसच कहूँ तो,,प्रकृति मन को मोह लेती हैजैसेप्रकृति हमे कुछ…
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साहित्य
प्रश्न जब चुभने लगे
जब चारों तरफ असफलता ही खुद का नसीब बन जायेनाकामी आपके साथ साये सा चिपक जायेइम्तिहान आपकी तकदीर का जब…
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साहित्य
मुखौटों का नगर
बाबा: “कहाँ? कहाँ जा रहे हो?”राहुल: “शहर जा रहा हूँ।”बाबा: “अरे! शहर, शहर मत बोलो!”राहुल: “फिर?”बाबा: “बोलो… मुखौटों के नगर…
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साहित्य
चलो!
चलो! अब चलते हैं,दूर कहीं जहां ना हो,दुनिया का कोलाहल। बचके बस निकलते हैं,जहां ना हो अब हमारी,कोई जवाबदारी का…
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साहित्य
स्कूल और मैं
मेरा स्कूलसिर्फ इमारत नहीं था,वहमेरी पहली दुनिया थी। जहां सुबह की प्रार्थनाहवा में ही नहीं,दिल में भी गूँजती थी,औरलाइन में…
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साहित्य
अभियान :एक नशा
अभियान का नशा है हांँ ज्ञान का नशा है।घर में चिराग हो ना जहान का नशा है।।जुबान बड़ी मीठी दिल…
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साहित्य
इच्छाओं का अंत
हाँ, हो जाता इच्छाओं का अंत,जब जीवन ढलने लगता शांत।कंधों से जब उतरें दायित्व,मन खोजे केवल सुख का सत्य। जीवनसाथी…
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