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ईश्वर का मौन
कुछ प्रश्न उठने लगे हैं आजकल —एक सत्ता ‘ईश्वर’,जिसके अस्तित्व पर इन दिनोंकुछ ज़्यादा ही सवाल आ रहे हैंदिमाग़ में।…
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पूजा
जब ते, सब पाहन पूजन लागे,मनवा से जग के डर भागे। मन माने जब, सब में है ईश्वर,तब जाने, सब…
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ग्लोबल पीस एंड ह्यूमैनिटी अवार्ड- 2025 से सम्मानित हुए डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ निवासी प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक और सेना से सेवानिवृत डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’,…
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समाधि पाद सूत्र–४६
ता एव सबीज: समाधि: । ता= वे सब-की-सब ही; सबीज:= सबीज; समाधि:= समाधि हैं ।अनुवाद– वे सब की सब ही…
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किताबें यदि बोलती
शीर्षक – किताबें किताबें यदि बोलती तो ,बताती दिल ए हाल सबका,वो मन से पढ़ा हुआ और,वो मन रखने के…
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मोक्ष के पथिक
(जंगल की ओर वापसी) राघव ने रातभर एक पल भी नींद नहीं ली।उसके भीतर कुछ टूट भी रहा थाऔर कुछ…
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भाव संस्कार : आलेख
वर्णोंत्थान संस्कार मानव जीवन के संपूर्ण विकास का वह श्रेष्ठ आध्यात्मिक मार्ग है, जिसके माध्यम से मनुष्य केवल बोलना नहीं…
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मिट्टी का पुतला था मैं…
मिट्टी का पुतला था मैं,मिट्टी में ही मिल जाना था,चार कंधों की दूरी भर—बस इतना सा सफ़र निभाना था। पर…
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बेटा
शीर्षक – प्यारा बेटा ये मेरे प्यारे बेटे, तू मेरी शान है,तेरी हँसी में ही, मेरी मुस्कान हैं lतेरे अच्छे…
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अंतिम सांस के दर्द
(वृद्धावस्था के संदर्भ में)कविताविषादरचनाकार -कौशलधीरे-धीरे श्वासें मंद पड़ती जाती हैं,झुर्रियों में बीता जीवन छुपा बैठा है।मन के आँगन में बिखरी…
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