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  • महिमा अगम अपार है छठी मैया

    " मैया की महिमा अपार हे छठी माता मैया के घाट पर व्रती बहुत हैं हाथ जोड़ पनियां में खाड़"…

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  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आधुनिक भारत

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी आधुनिक भारत के उन युगनिर्माताओं में से एक हैं, जिन्होंने राजनीति को केवल सत्ता का साधन…

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  • तुम्हारा न होना

    कई दिनों से सूरज तो आता है मेरी देहरी पर प्रभात की उंगली थामें किन्तु मेरी देहरी में धूप ही…

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  • मन करता है।

    लहरों पर घर बनाने का मन करता है,मौजों में डूब जाने का मन करता है।एक अपना भी आशियाना हो तरंगों…

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  • बरिखा

    तू कईसन बाड़ू ए बरिखा ,तोहर अलगे चले चरीखा ।हॅंसुआ लगन खुरपी बियाह ,का तोहर ईहे बाटे तरीका ।।कईसे होई…

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  • लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल

    आओ सुनाएं पटेल जी की अमर कहानीलौह पुरुष कहलाते थे ऐसी अद्भुत छवि निरालीना कभी देखी ना, ना सोची कभीगरीबों…

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  • पंचवटी का आंगन

    कौशल जहाँ मिट्टी की खुशबू में, राम-सीता के पग निशान,वहीं उगे पाँचों पावन वृक्ष, बन जाएँ ज्ञान विधान।बरगद देता साहस…

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  • भावपल्लवन

    (गद्य सृजन) श्लोक:-“ते हस्तेन प्रसृतं गृह्णन्ति यस्यैव भूषणं तस्य भुञ्जते।” महाभारत शांति पर्व (अध्याय/श्लोक ,159/21)भावार्थ: जो अपने हाथों से परिश्रम…

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  • मेरा स्कूल

    कितना सुन्दर है मेरा स्कूल,इसमें रंग बिरंगे है फूल।फूल सुहाने सबको भाते,उन्हें देख कर सब हरसाते।। सबसे प्यारा मेरा स्कूल,जिसको…

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  • जब मन में निराशा छाने लगे

    जब मन में निराशा छाने लगे,सँवारो खुद को — जैसे कोई त्योहार हो चले।थैला टाँगो बाहों में,पैसा जेब में हो…

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