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भावपल्लवन
श्लोक:-*संगच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम्। **देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते।। *(ऋग्वेद — मण्डल 10, सूक्त 191, मंत्र…
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यूॅं ही चलता जा रहा हूॅं
यूॅं ही चलता चला जा रहा हूॅं ,न मंजिल कोई न है ठिकाना ।ऊपरवाले को ही है समझना ,कहाॅं है…
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सर्दियों की मुंगफलियां
है शिशिर, अपने यौवन परधुंध में लिपटा, चारों ओर।हिम आच्छादित हुए शिखरबढ़ता जाता, ठंड का प्रकोप। ठिठुरन दिन-ब-दिन बढ़ती जातीगुनगुनी…
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प्रसन्नता से जीना सीखो
” जिंदगी को प्रसन्नता से जीना सीखोकलियों से तुम जीना सीखोजीवन में फूल खिलाना सीखोसुख-दु:ख में भी मुस्कुराना सीखो”मनुष्य एक…
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ईश्वर का मौन
कुछ प्रश्न उठने लगे हैं आजकल —एक सत्ता ‘ईश्वर’,जिसके अस्तित्व पर इन दिनोंकुछ ज़्यादा ही सवाल आ रहे हैंदिमाग़ में।…
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पूजा
जब ते, सब पाहन पूजन लागे,मनवा से जग के डर भागे। मन माने जब, सब में है ईश्वर,तब जाने, सब…
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ग्लोबल पीस एंड ह्यूमैनिटी अवार्ड- 2025 से सम्मानित हुए डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ निवासी प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक और सेना से सेवानिवृत डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’,…
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समाधि पाद सूत्र–४६
ता एव सबीज: समाधि: । ता= वे सब-की-सब ही; सबीज:= सबीज; समाधि:= समाधि हैं ।अनुवाद– वे सब की सब ही…
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किताबें यदि बोलती
शीर्षक – किताबें किताबें यदि बोलती तो ,बताती दिल ए हाल सबका,वो मन से पढ़ा हुआ और,वो मन रखने के…
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मोक्ष के पथिक
(जंगल की ओर वापसी) राघव ने रातभर एक पल भी नींद नहीं ली।उसके भीतर कुछ टूट भी रहा थाऔर कुछ…
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