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  • कलयुगी पुत्रों को नसीहत

    कैसी विडंबना है भगवन,जिन्हें जीते जी सम्मान नहीं।जिन ने परिवार को पाला था,अब उनके लिए मकान नहीं।। जिन ने सारी…

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  • जन्मदिवस पर ‘विद्रोही’ की विनती

    विनम्र निवेदन आपके आशीर्वाद के साथजन्मदिवस पर ‘विद्रोही’ की विनतीउत्कृष्ट, शांत, अटपटे शब्दों के साथ ना मैं कवि, ना ज्ञानी,…

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  • जब ईश्वर ही प्रेमी हो गया

    जब ईश्वर ही प्रेमी हो गया”बहुत सरल है व्यक्तित्व मेरा,झूठ कहना मुझे नहीं आया।सचमुच सच कहना आता है,झूठ मुझे नहीं…

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  • कलयुग का वक्त

    विधा- काव्य वक्त का ये तकाजा हैकहीं कम कहीं ज्यादा हैमुद्दे हम चलने नही देंगेरायता फैलने नहीं देंगेजो बँट रहा…

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  • सबका मालिक एक है

    एक आदमी गाय को घर ले जा रहा था,वह आदमी लाख प्रयास कर रहा था,पर गाय टस से मस नहीं…

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  • राम प्राणनाथ हमारे

    राम-चंद्र हैं जीवन-नभ के,आशा-दीपक ज्योति महान।भक्ति-सरिता बहती उर में,पाकर उनका शुभ वरदान॥ मन-मंदिर के देव वही हैं,श्रद्धा का अनुपम श्रृंगार।प्रेम-पुष्प…

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  • कान्हा ये तो बता दो

    कब कैसे और कहाँ मिलोगे,कन्हा येतो बता दो!बहुत हुई ये लुका छुपी अब,ऐसी न मुझे सजा दो!! नहीं मिले तुम…

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  • मुक्तक

    पितु समान इस दुनिया में,हमदर्द नहीं हो सकता,बच्चों की परवरिश हेतु,वह बोझ सभी सह सकता।बदलेगी शिक्षा ही जीवन,यह जानकर कर…

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  • तालिका – एक अजनबी दास्तां

    ज़िंदगी की तालिका में,कुछ पन्ने ऐसे भी आते हैं,जहाँ अपने होकर भी लोग,अजनबी से नज़र आते हैं। कुछ नाम बड़े…

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  • भरोसे की दुनियाँ

    वक्त का एक जबरदस्त कहर हैजिल्लत का कडवा जहर हैजीना है तो पीना ही पड़ेगाये दंश भी अब सहना पड़ेगा…

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