Uncategorized
-
चाँद सजन सा
मैं कुछ भी तो नहीं सजन बिन तुम्हारे,तुम हो तो सुंदर रैन और चमकते सितारेखुशियों की चमक लिए चाँद सजन…
Read More » -
समाधिपाद सूत्र– १६
तत्परं पुरुषख्यातेर्गुणवैतृष्ण्यम् । पुरुषख्याते= पुरुष के ज्ञान से; गुणवैतृष्ण्यम् = जो प्रकृति के गुणों में तृष्णा का सर्वथा अभाव हो…
Read More » -
समाधिपाद – सूत्र १५
दृष्टानुश्रविकविषयवितृष्णस्य वशीकार संज्ञा वैराग्य । दृष्टानुश्रविकविषयवितृष्णस्य= देखे और सुने हुए विषयों में सर्वथा तृष्णारहित चित्त की; वशीकारसंज्ञा= जो वशीकार नामक…
Read More » -
श्रीमद्जगद्गुरुनिम्बार्काचार्य विद्यावारिधि परमपूज्य अतुल कुमार मिश्र जी महाराज” को “साहित्य कलम रत्न” सम्मान।
📰 प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) अमेठी, उत्तर प्रदेश —“श्रीमद्जगद्गुरुनिम्बार्काचार्य विद्यावारिधि परमपूज्य अतुल कुमार मिश्र जी महाराज”, श्रीनिम्बार्क सेवासंस्थान अमेठी (SNSS…
Read More » -
करवाचौथ
रचनाकार सुनील कुमार “खुराना” नकुड़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश पैरों में पैंजनी करती है छम-छम,मेरे प्यारे पिया है मेरे ईश्वर के…
Read More » -
काव्य- चांद सा पिया
चौथ की चांदनी ,रात की रागिनी पिया का देख मुख मंडल , अंतर्मन में लिप्त हो रहे ,जीवन के सुमधुर…
Read More » -
मैं आजकल गीत गाने लगा हूँ
मैं आजकल गीत गाने लगा हूँ,इतिहास का काला सच बताने लगा हूँ। जो बाँटते हैं देश को लालच में अंधे,उनकी…
Read More » -
रुकने न पाए जिंदगी
रुकने न पाए ज़िंदगी, सत्कर्म किए जा,लक्ष्य पर निगाह रख, आगे को बढ़ते जा। इस ज़िंदगी के बहुत ही पथरीले…
Read More » -
कविता
नजदीकियाँ बना ली है मैंने दूरियों से,उनकी लहजे उनके मुझे अब अच्छे नही लगते,वो कहते कुछ और चाहते कुछ और…
Read More » -
अनुशासन का पालन
हमें सदा आगे बढ़ना,किसी से नहीं है लड़ना।सूरज भी समय पर उठता ,नदियाँ भी किनारों से बहती।समय से उठना समय…
Read More »









